ऋषिकेश के दर्शनीय स्थल - Rishikesh me ghumane ki jagahe
परिचय
ऋषिकेश देवभूमि उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में स्थित एक बहुत प्रसिद्ध स्थल है। ऐसी बहुत सारी जगह ऋषिकेश में घूमने वाली हैं | जैसे कि लक्ष्मण झूला, त्रिवेणी घाट, वशिष्ठ गुफा, नीलकंठ महादेव मंदिर। यह जगह बहुत ही पवित्र मानी जाती हैं। लक्ष्मण झूला गंगा नदी के ऊपर बना एक प्रसिद्ध हैंगिंग ब्रिज है। लक्ष्मण झूला ऋषिकेश शहर के उत्तर पूर्व में 5 किलोमीटर की दूरी पर है। पूरा पुल लोहे से बना हुआ है और इसकी लंबाई 450 फिट लंबी है और इसकी ऊंचाई 70 फीट गंगा नदी से है। ऋषिकेश में काफी ऐसे स्थल हैं जो कि बहुत प्रसिद्ध माने जाते हैं।लक्ष्मण झूला की कुछ ऐसी कहानी है जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती है और वहां पर जाने पर मजबूर करती है। चलिए हम कुछ आपको ऐसी कहानी बताते हैं लक्ष्मण झूला के बारे मे जिससे आप सुनकर वहां जाना पसंद करेंगे।
मान्यता
माना जाता है कि भगवान श्री राम के छोटे भाई भगवान लक्ष्मण इसी स्थान पर और इसी गंगा नदी को पार किया था। जहां अब पुल देखने के लिए बन गया है। लक्ष्मण झूला 1929 में बना था। लक्ष्मण झूला के आसपास ऐसे प्रसिद्ध मंदिर है जो बहुत महत्वपूर्ण है। महत्वपूर्ण मंदिरों का नाम मंजिला मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, राम झूला आदि शामिल है। ऋषिकेश के कुछ ऐसे स्थल भी है जिससे हम लोग देखकर आकर्षित होते हैं। तो आइए कुछ ऐसी झलक देखे ऋषिकेश की। जैसे कि कहा जाता है समुद्र मंथन के दौरान निकला विष शिव ने इसी स्थान पर पिया था। विष पीने के बाद उनका गला नीला पड़ गया उस स्थान का नाम नीलकंठ से जाना जाता है। भगवान राम ने वनवास के दौरान यहां के जंगलों में अपना समय व्यतीत किया था। इसका प्रमाण लक्ष्मण झूला माना जाता है। यह भी कहा जाता है कि ऋषि रैप्य ने यहां कठोर तपस्या करी थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ऋषिकेश के रूप में प्रकट हुए। तब से स्थान को ऋषिकेश के नाम से जाना जाता है।
AIIMS ऋषिकेश में।
जैसे - ऋषिकेश, भोपाल, पटना, जोधपुर, भुवनेश्वर और रायपुर।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना सभी शाखाओं में फैली हुई है। ताकि भारत में चिकित्सा शिक्षा हर छात्र को प्राप्त हो। और इस चिकित्सा शिक्षा में आत्मनिर्भरता लाई जा सके।
ऋषिकेश में कुछ महत्वपूर्ण जगह बहुत खूबसूरत हैं और लोगों को मोह लेती हैं। ऋषिकेशवासियों का कहना है कि जो भी यहां आता है, उसे पूरा जगत (संसार) देखा जैसा प्रतीत होता है। प्रकृति से जुड़ी हर चीज यहाँ है। उनमें कुछ सुंदर और पावन स्थानों का नाम हम साझा कर रहे है।
ऋषिकेश 13 मंजिल मंदिर
13 मंजिल मंदिर लक्ष्मण ब्रिज के पास हिंदुओं का एक प्रमुख मंदिर है। इसे तीन मंजिलों पर बनाया गया था और प्रत्येक मंजिल पर कई हिंदू देवी-देवताओं के मंदिर हैं।
राफ्टिंग ऋषिकेश में प्रसिद्ध स्थल पर्यटन स्थल
- ऋषिकेश राफ्टिंग मूल्य
- ब्रह्मपुरी से ऋषिकेश (9 किमी)
- लागत प्रति व्यक्ति 600/-
- शिवपुरी से ऋषिकेश (16 किमी)
- लागत प्रति व्यक्ति 1000/-
- ऋषिकेश तक समुद्री ड्राइव (26 किमी)
- लागत प्रति व्यक्ति 1500/-
- कौड़ियाला से ऋषिकेश
- लागत प्रति व्यक्ति 2500/-
ऋषिकेश बंगी जंपिंग
अगर आप बंगी जंपिंग करना चाहते हैं और पहाड़ों की ताजी हवा का आनंद उठाना चाहते है तो ऋषिकेश में अब आप अपने सपने को पूरा कर सकते हैं। ऋषिकेश, उत्तराखंड, बंगी जंपिंग करने का एक अच्छा स्थान है। जंपिंग प्रति व्यक्ति 3500 बंगी है। बंगी जंपिंग करने के लिए 12 वर्ष की आयु होनी चाहिए। बंगी जंपिंग में वजन 35 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। आप सुबह 9:00 बजे इसका आनंद उठा सकते है।
- बंगी जंप 3700
- Giant स्विमिंग 3700
- फ्लाइंग फॉक्स 2000
ऋषिकेश राम झूला
ऋषिकेश का एक प्रमुख प्रसिद्ध राम झूला पुल है। यह स्थानीय रेती से तीन किलोमीटर दूर है। यह पुल गंगा नदी पर बना है। स्वर्ग आश्रम और विश्व आनंद आश्रम को जोड़ने वाला यह पुल लक्ष्मण झूला से भी बड़ा है। 1983 में इस पुल को बनाया गया था। लक्ष्मण जी का एक प्राचीन मंदिर इस पुल के किनारे है। यह पुल स्वर्ग आश्रम और शिवानंद आश्रम के बीच बना है, इसलिए इसे शिवानंद झूला भी कहा जाता है। राम झूला लक्ष्मण झूला के पास है। आप देखेंगे की जब लोग राम झूले पर जा रहे हैं तो यह झूलता हुआ दिखाई देता है।
ऋषिकेश लक्ष्मण झूला
इसी स्थान पर भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने जूट की एक रस्सियो पर बैठकर नदी को पार किया था। यह पुल स्वामी विश्वानंद की प्रेरणा से 1889 में बनाया गया था और लोहे के मजबूत तारों से बनाया गया था। पुल के पश्चिमी किनारे पर श्री लक्ष्मण मंदिर है। जबकि यह भगवान श्री राम का दूसरा मंदिर है। कहा जाता है कि श्री राम स्वयं इस स्थान पर पहुंचे थे। यहाँ पुल पार कर के बद्रीनाथ और स्वर्ग आश्रम जा सकते हैं।
ऋषिकेश नीलकंठ महादेव मंदिर
ऋषिकेश में सबसे प्राचीन मंदिर नीलकंठ महादेव है। नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश में सबसे प्रसिद्ध है। इस स्थान पर कहा जाता है कि भगवान शिव ने समुद्र मंथन से विष पीया था। यह अद्भुत मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर के पास एक झरना है, जहां लोग शिव दर्शन करने से पहले स्नान करते हैं। ऋषिकेश में नीलकंठ महादेव मंदिर 5500 फिट की ऊंचाई पर है। यहाँ आपको दर्शन करना चाहिए। बड़े मूर्ति में भगवान शिव को विष पीते हुए भी चित्रित किया गया है। सामने की पहाड़ी पर शिव की पत्नी पार्वती का मंदिर भी है।
ऋषिकेश ऋषि कुंड
ऋषि कुंड त्रिवेणी घाट के पास एक पवित्र ताल है। ऐसा माना जाता है कि बसंत कुंज की बातों से प्रसन्न होकर यमुना नदी की देवी ने इन ताल को पानी से भर दिया था। यहाँ आप पानी में भगवान राम और सीता को समर्पित एक प्राचीन रघुनाथ मंदिर के दर्शन भी कर सकते है।
ऋषिकेश त्रिवेणी घाट
प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है त्रिवेणी घाट। ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट सबसे बड़ा घाट है, जहां प्रातःकाल से ही लोग गंगा स्नान करते है। त्रिवेणी घाट पर कहा जाता है कि हिंदू धर्म की तीन प्रमुख नदियां हैं। यमुना, गंगा और सरस्वती का संगम होता है। त्रिवेणीघाट से गंगा दाई ओर बहती है। इस घाट पर शिवजी की जटा से निकलने वाली गंगा का एक सुंदर मूर्ति है। तो दूसरी ओर अर्जुन को गीता का ज्ञान देते हुए श्री कृष्ण की विशाल मूर्ति और एक विशाल गंगा माता का मंदिर है। घाट पर चलते हुए सुंदर गंगा का दृश्य दिखाई देता है। शाम को त्रिवेणी घाट पर बहुत भीड़ होती है जब भव्य आरती होती है।
ऋषिकेश वशिष्ट गुफा
ऋषिकेश से 16 किलोमीटर की दूरी पर वशिष्ठ गुफा है। यह स्थान ध्यान के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यह गूलर के पेड़ों के बीच है। हिंदूओं द्वारा पवित्र माना जाने वाला एक शिवलिंग भी गुफा में है। वशिष्ठ गुफा, जहां ऋषि सिद्धि प्राप्त करते थे यह गुफा हजारों साल पुरानी है और ऊंची पहाड़ियों के नीचे गंगा है। कितनी भी गर्मी हो, गुफा का तापमान समान ही रहता है और यहाँ मौसम का कोई असर नहीं है। ऋषि वशिष्ठ ने इसे खोजा। आज भी, संत लोग इसे बहुत पवित्र स्थान मानते हैं। ऋषि वशिष्ठ ने हजारों साल पहले इस गुफा के मुहाने पर धूनी चलाई थी।
ऋषिकेश स्वर्ग आश्रम
स्वर्ग आश्रम ऋषिकेश से पांच किलोमीटर की दूरी पर गंगा नदी के पूर्वी तट पर है। यह आश्रम एक लोकप्रिय हिंदू आनंद संदेश द्वारा स्थापित किया गया था। आश्रम के आसपास पार्क स्टोर और चाय कॉफी की दुकानें हैं। क्योंकि यह एक धार्मिक स्थान माना जाता है, मुझे लगता है कि जब भी आप ऋषिकेश जाएंगे, आप इस आश्रम की झलक देखना पसंद करेंगे।
ऋषिकेश बीटल्स आश्रम
दुनिया भर की प्रसिद्ध हस्तियां योग और ध्यान के लिए आश्रमों में जाती हैं, उनमें से एक है बीटल्स आश्रम। आश्रम इतना सुंदर बना हुआ है कि यह आपको आकर्षित करता है। धार्मिक स्थान है आप यहाँ जाना पसंद करेंगे।
ऋषिकेश के समीप पर्यटक स्थल
हरिद्वार और देहरादून, ऋषिकेश के समीप दो खूबसूरत जगहें हैं।
हरिद्वार उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में गंगा के तट पर बसा एक खूबसूरत शहर है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाने आते हैं।
देहरादून नगर का गौरवपूर्ण पौराणिक इतिहास रहा है। यह प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नगर अनेक प्रसिद्ध शिक्षा संस्थानों, तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग, सर्वे ऑफ इंडिया, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान आदि जैसे कई राष्ट्रीय संस्थान के कारण भी जाना जाता है।
ऋषिकेश घूमने का सबसे अच्छा समय
ऋषिकेश घूमने का सबसे अच्छा समय गर्मी का महीना है। मार्च से जुलाई तक सबसे उपयुक्त समय हैं। अक्टूबर से फरवरी तक यहां का तापमान 19 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है यहाँ इस समय आप स्विट्ज़रलैंड जैसे विदेश यात्रा का मजा ले सकते है। इस दौरान लोग राफ्टिंग का मजा ले सकते हैं। मार्च में मौसम बहुत गर्म होता है और तापमान हमेशा ऊँचा रहता है। लेकिन गर्मी का मौसम होने के कारण ज्यादा लोग नहीं आते, लेकिन रात में जब थोड़ी ठंड होती है तो लोगों को अच्छा लगता है। बरसात के मौसम में भी लोग इसका आनंद लेते हैं। लेकिन उस समय लोगों को राफ्टिंग पसंद नहीं आएगी।
निष्कर्ष: हमने यहाँ ऋषिकेश स्थल और भ्रमण के बारे कुछ जानकारी साँझा की है आशा करते है आपको पसंद आया होगा।
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