तिरंगा और अशोक चक्र के तीलियों का महत्व? - Ashok Chakra Spokes

 आजादी के इस 75वें अमृत महोत्सव पर, हम आपसे तिरंगा और अशोक चक्र में तीलियों (Spokes) का महत्व के बारे में कुछ जानकारी साँझा करेंगे। जिसे शायद बहुत से लोग नहीं जानते है। किसी भी स्‍वतंत्र राष्‍ट्र (देश) का अपना एक ध्‍वज होता है। इसे स्‍वतंत्र देश होने का संकेत माना जाता है। भारत द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया। क्या हमे अपने तिरंगे के तीन रंगों की विशेषताएं और अशोक चक्र के बारे में जानकारी है। यह बात लगभग हर भारतीय को पता होनी चाहिए। तिरंगे में सुसज्जित अशोक चक्र को कर्त्तव्य का पहिया भी कहा जाता है जो हमे बहुत कुछ प्रेरणा देता है।

Ashok Chakra

तिरंगा में अलग-अलग रंगों के माध्यम से अद्भुत संदेश दिया गया हैं।


अशोक स्तंभ भारत का राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह है। अशोक स्तम्भ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्थित अशोक स्तम्भ से लिया गया है। उसी प्रकार तिरंगे में लगा चक्र भी अशोक चक्र से लिया गया है। क्योंकि सम्राट अशोक के कार्यकाल में अखंड भारत पर उनका शासन हुआ करता था, और उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को अपने अंतिम समय तक बनाए रखा था। केसरिया रंग को त्याग और बलिदान का प्रतीक माना गया है। सफेद रंग सत्य, पवित्रता और शांति का प्रतीक।



  1. केसरिया रंग को त्याग और बलिदान का प्रतीक माना गया है।
  2. सफेद रंग सत्य, पवित्रता और शांति का प्रतीक। 
  3. हरा रंग समृद्धता का प्रतीक है। 
  4. अशोक चक्र तिरंगे के बीच में - न्याय का प्रतीक है। 


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राष्ट्रीय ध्वज के अशोक चक्र में 24 तीलियों का महत्व।

सारनाथ में सम्राट अशोक द्वारा स्थापित अशोक चक्र, शेर के स्तंभ पर बना हुआ है। इसे समय का चक्र भी कहा जाता है, यह धर्म को दर्शाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार अशोक चक्र एक आदर्श मनुष्य के 24 गुणों दर्शाता हैं। तिरंगा में चक्र, सम्राट अशोक स्तंभ से लिया गया है। जो चक्र या पहिया गति का प्रतीक है। यह हमारे विरासत की एक निशानी भी है। तिरंगे के चक्र में भी 24 तीलियाँ होती है।




ये हमे नीचे दिए गये प्रेरणामिलती है :-

  1. संयम - संयमित जीवन जीना 
  2. आरोग्य - निरोगी जीवन 
  3. शीलता - स्वभाव में शीलता
  4. क्षमा - क्षमा की भावना
  5. अर्थ - धन का सदुपयोग
  6. मैत्री - समाज के प्रति मैत्री की भावना होना।
  7. कर्तव्य - ईमानदारी कर्तव्य निर्वाहन करना।
  8. अधिकार - अधिकारों का सदुपयोग करना।
  9. सहकार्य - मिलजुल कार्य करना। 
  10. नियम - निजी जीवन में संयमपूर्ण बर्ताव 
  11. प्रेम - समाज एवं देश के प्रति प्रेम की भावना। 
  12. शांति - देश में शांति व्यवस्था स्थापित रखना।
  13. त्याग - देश एवं समाज के लिए त्याग की भावना होना। 
  14. सेवा - देश एवं समाज के प्रति सेवा की भावना। 
  15. बन्धुत्व - देशवासियों से प्रेम एवं बंधुत्व की भावना रखना। 
  16. कल्याण - देश व समाज के विकास के लिये कल्याणकारी कार्यों में भाग लेना। 
  17. समृद्धि - देश एवं समाज को समृद्धि बनाने में योगदान देना।
  18. बुद्धिमत्ता - देश को समृद्धि बनाने के लिए स्वयं और समाज का बौद्धिक विकास करना। 
  19. उद्योग - औद्योगिक प्रगति में योगदान करना। 
  20. सुरक्षा - देश की सुरक्षा के लिए योगदान। 
  21. नीति - देश की नीति सम्मान करना। 
  22. न्याय - हमेशा न्याय के पक्ष में बात करना। 
  23. समता - समान अधिकार की स्थापना करना। (समता मतलब एक बराबर)
  24. संगठन - राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में योगदान।
टिप्पणी : दुःख की बात ये है की इसका पालन अधिकतर देशवासी नहीं कर रहे है।

तिरंगे पर अशोक चक्र किसने लगवाया था?

दरअसल, विनायक दामोदर सावरकर ने अशोक चक्र को चरख़े की जगह लगाने का प्रस्ताव रखा था। वह एक मात्र स्वतंत्र सेनानी है जिन्हे वीर सावरकर के नाम से भी जाना जाता है, जो एक स्वतंत्र सेनानी, लेखक और राजनीतिज्ञ भी थे। 


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भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अनुपात:

केसरिया रंग सबसे ऊपर, सफेद बीच में और हरा रंग सबसे नीचे है। ध्वज की लंबाई 2 चौड़ाई 3 का अनुपात 3:2 है। सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का अशोक चक्र है।



अशोक चक्र भारत की सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।

यह युद्ध में वीरता, साहस और बलिदानी के लिए प्रदान की जाती है। पहली बार हवलदार बचिटर सिंह और नाइक नरबाहदुर थापा अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। अशोक चक्र के बाद के बाद के पुरस्कारों को पदक रिबन के लिए एक समय से मान्यता दी जाती है। एक प्राप्तकर्ता को वीरता के विभिन्न कृत्यों के अलावा कीर्ति चक्र या शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाता है।





निष्कर्ष: यहाँ हमने भारत के तिरंगा और उसमें लगा अशोक चक्र के बारे में विस्तार से जानकारी मिली है। आशा करते है आपके लिए यह जानकारी मददगार होगी।




FAQ's - (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न )


भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज में अशोक चक्र क्यों लिया गया?

अशोक चक्र हमारे अखंड भारत की विरासत और धर्म चक्र की एक निशानी है।

गाँधी और कांग्रेस चरखे को रखना चाहते थे। 


भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज को कब अपनाया गया। 

भारत द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया।


भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज को किसने डिज़ाइन किया। 

भारत द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को आंध्र प्रदेश के एक स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया ने डिजाइन किया था। 


भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज में अशोक चक्र का रंग कैसा है?

🔵 नीला


भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज में अशोक चक्र नीला क्यों होता है?

अशोक चक्र में नीला रंग आकाश, महासागर और ब्रह्मांड के सत्य को दर्शाता है।


अशोक चक्र में कुल कितनी तीलियाँ होती है?

अशोक चक्र में कुल 24 तीलियाँ है, जो मनुष्य के 24 गुणों को दर्शातीं हैं।


आप भारतीय तिरंगे का इतिहास भारत सरकार के आधिकारिक वेबसाइट से पढ़ सकते है।

https://knowindia.india.gov.in/hindi/my-india-my-pride/indian-tricolor.php












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