Rich Dad Poor Dad Book review – क्या यह किताब सच में आपकी सोच बदल सकती है?
Rich Dad Poor Dad किताब का हिंदी रिव्यू – क्या यह किताब सच में आपकी सोच बदल सकती है!
यही सवाल पहली बार मेरे दिमाग में तब आया जब मैंने Rich Dad Poor Dad पढ़ी। सच कहूं तो शुरुआत में मुझे लगा यह भी बाकी motivational books जैसी होगी, लेकिन जैसे-जैसे chapters आगे बढ़े, मुझे एहसास हुआ कि यह किताब पैसे कमाने से ज्यादा “सोच बदलने” पर फोकस करती है।
यह किताब आपको overnight rich बनने का formula नहीं देती। बल्कि यह समझाती है कि अमीर लोग दुनिया को अलग नजरिए से देखते हैं।
📘 किताब की बेसिक जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| किताब का नाम | Rich Dad Poor Dad |
| लेखक | Robert Kiyosaki |
| शैली | Personal Finance / Self Development |
| प्रकाशित | 1997 |
| भाषा | हिंदी सहित कई भाषाओं में उपलब्ध |
किताब की कहानी आखिर है क्या?
पूरी किताब दो अलग-अलग सोच वाले लोगों के बीच comparison पर आधारित है।
एक हैं “Poor Dad”:
- Highly educated
- Safe नौकरी में विश्वास रखने वाले
- Stable income को सबसे जरूरी मानने वाले
दूसरे हैं “Rich Dad”:
- Business mindset वाले
- Risk लेने में विश्वास रखने वाले
- पैसे को invest करना जानने वाले
लेखक बताते हैं कि दोनों की सलाह बिल्कुल अलग थी, और उन्हीं अलग सोचों ने उनकी जिंदगी की दिशा तय की।
मुझे इस किताब की सबसे अच्छी बात क्या लगी?
सबसे ज्यादा impact मुझ पर एक simple line ने डाला:
“अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते, पैसा उनके लिए काम करता है।”
पहली बार पढ़ते समय यह line थोड़ी confusing लगी थी। लेकिन बाद में समझ आया कि लेखक passive income की बात कर रहे हैं।
मतलब:
- ऐसा income source जो हर समय आपकी मेहनत पर depend न हो
- जैसे rent, investments, online business या royalties
आज की दुनिया में यह concept पहले से ज्यादा relevant लगता है।
Rich Dad Poor Dad की सबसे बड़ी सीख
1. स्कूल हमें पैसे के बारे में ज्यादा नहीं सिखाते
यह बात शायद थोड़ी harsh लगे, लेकिन काफी हद तक सही भी है।
स्कूल और कॉलेज हमें:
- Exams clear करना
- नौकरी पाना
- Stable career बनाना
सिखाते हैं।
लेकिन शायद ही कोई सिखाता है:
- Investing कैसे करें
- Tax कैसे काम करता है
- Assets क्या होते हैं
- Financial freedom कैसे achieve करें
इसी वजह से कई intelligent लोग भी financial problems से बाहर नहीं निकल पाते।
2. Assets और Liabilities समझना जरूरी है
यह किताब का सबसे famous concept है।
लेखक कहते हैं:
- Asset = जो आपकी जेब में पैसा डाले
- Liability = जो आपकी जेब से पैसा निकाले
Simple लगता है, लेकिन असल जिंदगी में लोग अक्सर confuse हो जाते हैं।
उदाहरण:
| Asset | Liability |
|---|---|
| Rental property | Car loan |
| Stocks | Credit card debt |
| Business | Expensive gadgets |
| Investments | Unnecessary EMI |
यह chapter पढ़ने के बाद मैंने खुद अपने खर्चों को अलग नजर से देखना शुरू किया।
किताब पढ़ते समय एक चीज बार-बार महसूस हुई
यह किताब technical finance guide नहीं है।
अगर आप सोच रहे हैं कि इसमें:
- कौन सा stock खरीदना है
- कितना invest करना है
- trading कैसे करनी है
तो वैसी detailed जानकारी इसमें नहीं मिलेगी।
लेकिन अगर आप अपनी money mindset improve करना चाहते हैं, तब यह किताब काफी useful लग सकती है।
Rich Dad और Poor Dad की सोच में फर्क
| विषय | Rich Dad सोच | Poor Dad सोच |
|---|---|---|
| नौकरी | सीखने का जरिया | सुरक्षा |
| पैसा | Invest करो | Save करो |
| Risk | Opportunity | खतरा |
| Business | जरूरी | मुश्किल |
मुझे personally यह comparison काफी relatable लगा क्योंकि real life में भी हम ऐसे लोगों को देखते हैं।
क्या यह किताब हर किसी को पसंद आएगी?
सच कहूं तो जरूरी नहीं।
कुछ लोगों को यह किताब life-changing लगती है, जबकि कुछ लोगों को यह repetitive महसूस होती है।
मुझे भी कुछ chapters में लगा कि same ideas बार-बार explain किए जा रहे हैं। लेकिन शायद लेखक intentionally concepts को reinforce करना चाहते थे।
किताब की कुछ कमियां भी हैं
❌ बहुत ज्यादा practical नहीं
यह किताब mindset बदलती है, लेकिन step-by-step roadmap कम देती है।
❌ कुछ बातें oversimplified लग सकती हैं
Real life finance हमेशा इतना simple नहीं होता जितना किताब में दिखाया गया है।
❌ Rich Dad character पर debate
कई लोगों का मानना है कि “Rich Dad” शायद fictional character हो सकते हैं।
हालांकि इससे किताब की सीख पर बहुत फर्क नहीं पड़ता।
फिर भी लोग इस किताब को इतना recommend क्यों करते हैं?
क्योंकि यह किताब financial awareness पैदा करती है।
पहली बार पढ़ने वाला व्यक्ति:
- income
- expenses
- investments
- financial freedom
जैसे topics के बारे में seriously सोचना शुरू कर देता है।
और शायद यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
क्या Students को यह किताब पढ़नी चाहिए?
मेरे हिसाब से हां।
क्योंकि कम उम्र में financial thinking develop करना future में काफी मदद कर सकता है।
यह किताब कम से कम इतना जरूर सिखाती है कि:
- केवल salary ही सब कुछ नहीं
- पैसे को समझना जरूरी है
- investing जल्दी शुरू करना फायदेमंद हो सकता है
क्या यह किताब आपकी जिंदगी बदल सकती है?
सीधे तौर पर शायद नहीं।
लेकिन यह:
- आपकी सोच बदल सकती है
- financial curiosity बढ़ा सकती है
- पैसे को लेकर awareness create कर सकती है
और कई बार mindset change ही सबसे बड़ा पहला कदम होता है।
मेरा Final Opinion
अगर आप finance में बिल्कुल नए हैं और आसान भाषा में money mindset समझना चाहते हैं, तो Rich Dad Poor Dad एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।
लेकिन इसे magic formula समझने की गलती मत कीजिए।
यह किताब आपको:
- सोचने पर मजबूर करती है
- financial habits पर सवाल उठाने को कहती है
- long-term wealth creation के बारे में सोचने के लिए inspire करती है
और शायद यही इसकी असली value है।
⭐ मेरी रेटिंग: 4.3/5
| Category | Rating |
|---|---|
| Easy to Understand | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| Motivation | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| Practical Finance | ⭐⭐⭐⭐ |
| Realism | ⭐⭐⭐⭐ |
| Overall | ⭐⭐⭐⭐✨ |
निष्कर्ष
Rich Dad Poor Dad उन किताबों में से है जो आपको सिर्फ information नहीं देती, बल्कि सोचने का नया तरीका देती है।
अगर आप:
- financial freedom के बारे में सीखना चाहते हैं
- investing को समझना चाहते हैं
- अपने money mindset को improve करना चाहते हैं
तो यह किताब जरूर पढ़ सकते हैं।
📢 आपकी राय?
क्या आपने “Rich Dad Poor Dad” पढ़ी है?
आपको इसमें सबसे interesting बात क्या लगी?
कमेंट करके जरूर बताइए।



